वैष्णव धर्म
> वैष्णव धर्म के विषय में प्रारंभिक जानकारी उपनिपदों से मिलती है। इसका विकास भगवत धर्म से हुआ।
> वैष्णव धर्म के प्रवर्त्तक कृष्ण थे, जो वृषण कबीले के थे और जिनका निवास स्थान मथुरा था।
> कृष्ण का उल्लेख सर्वप्रथम छांदोग्य उपनिषद् में देवकी पुत्र और अगिरस के शिष्य के रूप में हुआ है।
> विष्णु के दस अवतारों का उल्लेख मत्स्यपुराण में मिलता है । दस अवतार इस प्रकार है-मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, वलराम, युद्ध एवं कल्कि। वैष्णव धर्म में ईश्वर को प्राप्त करने के लिए सर्वाधिक महत्त्व भक्ति को दिया गया है।
प्रमुख सम्प्रदाय, मत एवं आचार्य :-
| प्रमुख सम्प्रदाय | मत | आचार्य |
| वैष्णव सम्प्रदाय | विशिष्टाद्वैत | रामानुज |
| ब्रह्म सम्प्रदाय | द्वैत | आनन्दतीर्थ |
| रुद्रर सम्रदाय | शुद्धाद्वैत | वल्लभाचार्य |
| सनक सम्रदाय | द्वैताद्वैत | निम्बार्क |
प्रमुख सम्प्रदाय संस्यापक एवं पुस्तक :-
| प्रमुख सम्प्रदाय | संस्थापक | पुस्तक |
| बरकरी | नामदेव | |
| श्रीवैष्णव | रामानुज | ब्रह्मसूत्र |
| परमार्थ | रामदास | दासबोध |
| रामभक्त | रामानंद | अध्यात्म रामायण |
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