Friday, 17 April 2020

भारत का इतिहास :- बहमनी राज्य

बहमनी राज्य

> मुहम्मद बिन तुगलक के शासन काल में 1347 ई० में हसनगंग ने बहमनी राज्य की स्थापना की। वह अलाउद्दीन हसन बहमन शाह के नाम से सिंहासन पर बैठा ।
> इसने अषनी राजधानी गुलबर्गा को वनाया। इसकी राजभाषा मराठी थी।
> इसने अपने साम्राज्य को चार प्रान्तों में गुलबर्गा, दौलताबाद, बरार एवं वीदर में बॉँटा ।
> इसकी मृत्यु 11 फरवरी, 1358 ई० को हो गयी।
> अलाउद्दीन हसन के पश्चात उसका पुत्र मुहम्मदशाह प्रथम सुल्तान बना। इसके काल में ही सबसे पहले बारूद का प्रयोग अलाउद्दीन मुजाहिद शाह (बुक्का के विरूद्ध) हुआ।
> भीमा नदी के तट पर फिरोजाबाद की मुहम्मद शाह द्वितीय
स्थापना ताज-उद्दीन फिरोज ने की थी। फिरोज खगोलिकी को प्रोत्साहन देता था शिहाबुद्दीन अहमद प्रथम और उसने दौलताबाद के पास एक वैधशाला बनवाई थी।


बहमनी वंश के प्रमुख शासक :-

मुहम्मद शाह प्रथम (1358-1375 ई०)
अलाउद्दीन मुजाहिद शाह (1375-1378 fo).
दाऊद प्रथम (1378 ई०)
मुहम्मद शाह द्वितीय (1378-1397 ई०)
ताज़-उद्दीन-फिरोज (1397--1422 ई०)
शिहाबुद्दीन अहमद प्रथम (1422-1436 fo)
अलाउद्दीन अहमद -II (1436-1458 ई०)
सुल्तान शम्सुद्दीन मुहम्मद-II (1463-1482 ई०)

> शिहाबुद्दीन अहमद प्रथम ने अपनी राजधानी गुलबर्गा से हटाकर बीदर में स्थापित की । इसने बीदर का नया नाम मुहम्मदाबाद रखा ।
> मुहम्मद-III के शासन-काल में 'ख्वाजा जहाँ' की उपाधि से महमूद गँवा को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।
> महमूद गरवाँ ने बीदर में एक महाविद्यालय की स्थापना कराई। रियाजुल इन्शा नाम से महमूदगवाँ के पत्रों का संग्रह किया गया।
> 1417 ई० में रूसी यात्री निकितन बहमनी साम्राज्य की यात्रा पर आया। इस समय बहमनी राज्य पर ताज-उद्दीन-फिरोज का शासन था।
> बहमनी साम्राज्य के चारों प्रांतों (तरफों या अतरफों) के प्रांतपति (तरफदार) उसके विरुद विशेष से जाना जाते थे-
1. दौलताबाद का तरफ़दार : मसनद्-ए-आली
2. बरार का तरफ़दार : मरजलिस-ए-आली
4. गुलबर्गा का तरफ़दार : मालिक नायब
3. बीदर का तरफ़दार : अजाम-ए-हुमायूँ

> बीजापुर गुलबर्गा तराफ़ में शामिल था। यह सबसे महत्त्वपूर्ण तराफ़ था।
> कलीमउल्लाह बहमनी वंश का अंतिम शासक था। इसकी मृत्यु के समय बहमनी राज्य पाँच स्वतंत्र राज्यों में बँट गया ।

इन स्वतंत्र सज्यों से संबंधित विवरण इस प्रकार है-

राज्य वंश संस्थापक स्वापना वर्ष
1. बीजापुर आदिल शाही युसूफ आदिल शाह 1489 ईo
2. अहमदनगर निजामशाही मलिक अहमद 1490 ईo
3. बरार इमादशाही फतेहउल्लाह इमादशाह 1490 ईo
4. गोलकुण्डा कुतुबशाही कुलीक़ुतुबशाह 1512 ईo
5. बीदर बारिद्शाही अमीर अली बरिद 1526 ईo

> मुहम्मद प्रथम के मंत्री सैफुट्दीन गौरी ने केन्द्रीय शासन का कार्य कई विभागों में विभक्त किया और उसे आठ मंत्रियों को नियुक्त किया, जो इस प्रकार थे  -

1. वकील ए-सल्तनत : दिल्ली के मलिक नायब के समान ।
2. बजील-ए-कुल : सभी मंत्रियों के कार्यों का निरीक्षण (वरकील को छोड़कर) ।
3. अमीर-ए-जुमला : अर्थ विभाग का अध्यक्ष ।
4. वजीर-ए-अशरफ : विदेश नीति एवं दरबार संबंधी कार्यों का निष्मादन करता था।
5. नाजिर : वह अर्थ विभाग से संबंधित था ।
6. पेशवा : बकील-ए-सल्तनत का सहायक था।
7. कोतवाल : नगर का मुख्य पुलिस अधिकारी था ।
8. सद्रे-ए-जहाँ : न्याय विभाग, धर्म तथा दान विभाग का अध्यक्ष ।

> सुल्तान के महल तथा दरबार की सुरक्षा के लिए विशेष अंगरक्षक सैनिक दल था जिसे साख-ए-खेल कहा जाता था। यह चार भागों या नौबत में विभाजित थे, जिसके मुख्य अधिकारी सर-ए-नौबत होता था।
> बहमनी राज्य में कुल 18 शासक हुए, जिन्होंने कुल मिलाकर 175 वर्ष शासन किया।

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